रोग मिटाने के हनुमान जी के असरदार टोटके | मंगलवार के शक्तिशाली उपाय

रोग दूर करने के हनुमान जी के टोटके
रोग दूर करने के हनुमान जी के टोटके

हिंदू धर्म और शास्त्रों में भगवान हनुमान जी को कलयुग का सबसे जाग्रत और शक्तिशाली देवता माना गया है। पवन पुत्र हनुमान जी, भगवान श्री राम के परम भक्त हैं और उन्हें संकट मोचन, बजरंगबली, महावीर और अंजनी पुत्र जैसे अनेक नामों से जाना जाता है। रामायण में वर्णित है कि जब लक्ष्मण जी मूर्छित हुए थे, तब हनुमान जी ही ‘संजीवनी बूटी’ लाकर उनके प्राणों की रक्षा की थी। इसी कारण उन्हें ‘लक्ष्मण प्राणदाता’ भी कहा जाता है।

सप्ताह का मंगलवार का दिन विशेष रूप से हनुमान जी को समर्पित है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से हनुमान जी की पूजा और मंत्र जाप करने से भक्तों के सभी प्रकार के रोग, दोष, संकट और शारीरिक पीड़ाएं तत्काल दूर हो जाती हैं।

मंगलवार के दिन हनुमान पूजा का महत्व

मंगलवार को हनुमान जी की आराधना करने का विशेष ज्योतिषीय महत्व है। इससे जातक की कुंडली में मंगल दोष दूर होता है और मंगल ग्रह बलवान होता है। हनुमान जी की कृपा से:

  • शत्रुओं का भय समाप्त होता है।
  • असाध्य शारीरिक पीड़ा दूर होती है।
  • आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि होती है।
  • भूत-प्रेत का डर और मानसिक तनाव खत्म होता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी के भक्तों पर शनि देव और यमराज का भी दुष्प्रभाव नहीं पड़ता। इसलिए शनि की साढ़ेसाती, ढैया या राहु की महादशा से पीड़ित लोगों को हनुमान जी की शरण में जाने की सलाह दी जाती है।

रोग दूर करने के लिए हनुमान जी के प्रमुख मंत्र

विभिन्न रोगों और कष्टों से मुक्ति पाने के लिए हनुमान जी के इन सिद्ध मंत्रों का जाप अत्यंत लाभकारी है:

1. हनुमान मूल मंत्र

मंत्र: || ॐ ऐं ह्रीं हनुमते श्री रामदूताय नमः ||

अर्थ: सभी लोगों के संकटों को हरने वाले, मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के दूत वीर हनुमान को हमारा नमस्कार है। वे हमारी रक्षा करें।
लाभ: यह मंत्र मन के भय को दूर कर आत्मविश्वास और भक्ति प्रदान करता है।

2. रुद्र हनुमान मंत्र (सर्वरोग हरण मंत्र)

मंत्र: || ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा ||

अर्थ: हे हनुमान! आप रुद्र (शिव) के अवतार और रामदूत हैं। मेरे सभी शत्रुओं का नाश करें और अपनी कृपा से मेरे सभी रोगों को हर लें।
लाभ: यह स्वास्थ्य के लिए सबसे शक्तिशाली मंत्र माना जाता है। इससे असाध्य रोगों से मुक्ति और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।

3. हनुमान गायत्री मंत्र

मंत्र: || ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि। तन्नो हनुमत् प्रचोदयात् ||

लाभ: मानसिक शांति, धैर्य और भय का नाश करने के लिए यह मंत्र सर्वोत्तम है।

4. हनुमान भय नाशक मंत्र

मंत्र: || ॐ हं हनुमंते नमः ||
विधि: यदि किसी भी चीज़ से डर लगता हो, तो प्रतिदिन सुबह 108 बार इसका जाप करें।

5. पंचमुखी हनुमान मंत्र

मंत्र: || ॐ हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ||
लाभ: नकारात्मक शक्तियों, ऊपरी बाधाओं और नजर दोष को दूर करने में सहायक।

6. हनुमान बीज मंत्र

मंत्र: || ॐ ऐं भ्रीम हनुमते, श्री रामदूताय नमः ||
लाभ: सुबह के समय जाप करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और कष्टों का निवारण होता है।

हनुमान बाहुक: रोगों का अचूक उपचार

हनुमान बाहुक क्या है?
हनुमान बाहुक की रचना गोस्वामी तुलसीदास जी ने तब की थी जब वे कलयुग के प्रकोप से गंभीर बाहु (भुजा) पीड़ा और शारीरिक कष्ट से जूझ रहे थे। इस स्तोत्र के पाठ से उनकी पीड़ा दूर हो गई थी।

पाठ की विधि:

  1. सामग्री: एक पात्र में शुद्ध जल, तुलसी दल, लाल फूल, अबीर, गुलाल और गाय के घी का दीपक।
  2. प्रक्रिया: मंगलवार को स्नान कर शुद्ध हों। हनुमान जी के सामने जल का पात्र रखें और उसमें तुलसी दल डालें।
  3. हनुमान जी की पूजा करें और दीपक जलाएं।
  4. लगातार 21 या 26 दिनों तक हनुमान बाहुक का पाठ करें।
  5. पाठ के बाद पात्र का जल पी लें (तुलसी सहित)। अगले दिन नया जल रखें।

लाभ: गठिया, वात रोग, सिरदर्द, कंठ रोग, जोड़ों का दर्द और लंबी बीमारियों में यह रामबाण उपाय है।

हनुमान चालीसा: सर्वशक्तिमान उपाय

हनुमान चालीसा की ये चौपाइयां रोगों के नाश के लिए संजीवनी के समान हैं:

“नासै रोग हरै सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा॥”
(अर्थ: वीर हनुमान जी का निरंतर जप करने से सब रोग नष्ट हो जाते हैं और पीड़ा मिट जाती है।)

“भूत पिशाच निकट नहिं आवै, महावीर जब नाम सुनावै॥”
(अर्थ: हनुमान जी का नाम लेने से नकारात्मक शक्तियां पास नहीं आतीं।)

बजरंग बाण: शत्रु और संकट नाशक

बजरंग बाण का पाठ शत्रुओं के षड्यंत्र और गंभीर संकटों से रक्षा करता है।

  • नियम: 21 दिन तक एक ही समय और स्थान पर बैठकर पाठ करें।
  • सावधानी: पाठ के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन अनिवार्य है और मांस-मदिरा का सेवन वर्जित है।
  • लाभ: ‘मारण-सम्मोहन-उच्चाटन’ जैसी तांत्रिक क्रियाओं और गुप्त शत्रुओं से बचाव होता है।

मंगलवार के 5 विशेष टोटके

हनुमान जी को प्रसन्न करने और रोग-दोष दूर करने के सरल उपाय:

  1. सिंदूर अर्पण:
    हनुमान जी को चमेली के तेल में नारंगी सिंदूर मिलाकर लेप करें (चोला चढ़ाएं)। महिलाएं केवल लाल फूल अर्पित करें।
    लाभ: दुर्घटनाओं से रक्षा और आरोग्य की प्राप्ति।
  2. चमेली का तेल:
    हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाने से शत्रु बाधा शांत होती है और आँखों की ज्योति बढ़ती है।
  3. तुलसी दल:
    हर मंगलवार हनुमान जी को तुलसी के पत्तों की माला अर्पित करें। इससे घर में कभी अन्‍न-धन और स्वास्थ्य की कमी नहीं होती।
  4. लाल ध्वज (झंडा):
    मंदिर में तिकोना लाल झंडा जिस पर ‘राम’ लिखा हो, चढ़ाने से संपत्ति संबंधी विवाद सुलझते हैं।
  5. गुड़-चना प्रसाद:
    लगातार 21 मंगलवार गुड़ और चने का प्रसाद बाँटने से कोर्ट-कचहरी और कर्ज के मामलों में सफलता मिलती है।

विशेष समस्याओं के लिए मंत्र

  • बीमारियों से छुटकारा: ॐ नमो भगवते आंजनेयाय महाबलाय स्वाहा
  • मनोकामना पूर्ति: महाबलाय वीराय चिरंजिवीन उद्दते, हारिणे वज्र देहाय चोलंग्घितमहाव्यये
  • कर्ज मुक्ति: ॐ नमो हनुमते आवेशाय आवेशाय स्वाहा

हनुमान जी के सिद्ध शाबर मंत्र

शाबर मंत्र ग्रामीण भाषा में रचे गए अत्यंत शक्तिशाली मंत्र होते हैं जो तुरंत फल देते हैं।

पहला मंत्र:
ॐ नमो बजर का कोठा, जिस पर पिंड हमारा पेठा, ईश्वर कुंजी ब्रह्म का ताला, हमारे आठो आमो का जती हनुमंत रखवाला

दूसरा मंत्र:
ॐ पीर बजरंगी, राम-लखन के संगी, जहां-जहां जाय, विजय के डंके बजाय, दुहाई माता अंजनी की आन।

नियम और सावधानियां

हनुमान जी की पूजा में पवित्रता (शुद्धता) सबसे महत्वपूर्ण है:

  1. सात्विकता: पूजा के दिनों में मांस, मदिरा और अंडे का सेवन भूलकर भी न करें।
  2. ब्रह्मचर्य: मन और कर्म से पवित्र रहें।
  3. दिशा: पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके पूजा करें।
  4. समय: सूर्योदय से पूर्व (ब्रह्म मुहूर्त) या सूर्यास्त के बाद का समय श्रेष्ठ है।
  5. स्त्रियों के लिए: महिलाएं हनुमान जी को स्पर्श न करें, दूर से प्रणाम करें और दीप जलाएं।

निष्कर्ष

गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखा है:
“चारों जुग परताप तुम्हारा, है परसिद्ध जगत उजियारा। संकट कटै मिटै सब पीरा, जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥”

सच्चे मन और पूर्ण श्रद्धा से की गई हनुमान उपासना कभी व्यर्थ नहीं जाती। चाहे शारीरिक व्याधि हो या मानसिक तनाव, बजरंगबली अपने भक्तों के सभी कष्टों को हर लेते हैं।

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर, जय कपीश तिहुं लोक उजागर!

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारियां सामान्य धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिषीय परंपराओं और लोक प्रचलित टोटकों पर आधारित हैं। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी गंभीर समस्या के लिए डॉक्टरी सलाह और उपचार को प्राथमिकता दें। यह जानकारी केवल आध्यात्मिक और सामान्य ज्ञान के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q1. क्या हनुमान जी के टोटके हर रोग में असर करते हैं?

हाँ, विशेष रूप से मानसिक अशांति, भय और नकारात्मक ऊर्जा से उत्पन्न रोगों में ये उपाय बहुत प्रभावी माने जाते हैं। साथ ही डॉक्टरी इलाज जारी रखें।

Q2. हनुमान बाहुक का पाठ कितने दिन करना चाहिए?

संकल्प लेकर कम से कम 21 दिन, या फिर 40 दिन तक लगातार पाठ करना चाहिए।

Q3. क्या महिलाएं हनुमान चालीसा पढ़ सकती हैं?

जी हाँ, महिलाएं हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और अन्य स्तोत्रों का पाठ कर सकती हैं, लेकिन मासिक धर्म के दौरान पूजा वर्जित है और मूर्ति स्पर्श न करें।

Q4. क्या मंगलवार को मांसाहार करना चाहिए?

बिल्कुल नहीं। हनुमान जी सात्विक देवता हैं। उनकी भक्ति करने वालों को मांस-मदिरा से सदैव दूर रहना चाहिए।

Q5. बजरंग बाण का पाठ कब करना चाहिए?

बजरंग बाण का प्रयोग तभी करें जब संकट बहुत बड़ा हो। इसे सामान्य पूजा की तरह रोज नहीं करना चाहिए।

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