शादी में देरी क्यों हो रही है — ग्रह दोष 2026 | Astro Saloni

विवाह में विलंब: एक गंभीर समस्या

शादी में देरी क्यों हो रही है: आज के समय में अनेक युवक-युवतियाँ विवाह के योग्य होने के बावजूद उनकी शादी में अनावश्यक देरी हो रही है। परिवार परेशान है, रिश्ते आते हैं और चले जाते हैं, लेकिन बात नहीं बनती। इसका मूल कारण केवल सामाजिक या आर्थिक नहीं होता — अधिकांश मामलों में जन्म कुंडली में उपस्थित ग्रह दोष ही विवाह में रुकावट का प्रमुख कारण बनते हैं। हम यहाँ विस्तार से बताएंगे कि 2026 में कौन-कौन से ग्रह दोष शादी में देरी करवा रहे हैं और Astro Saloni के अनुसार इनका समाधान क्या है।

कुंडली में विवाह को प्रभावित करने वाले मुख्य भाव

वैदिक ज्योतिष में सप्तम भाव (7वाँ घर) विवाह का प्रमुख भाव माना जाता है। इसके अतिरिक्त:

  • द्वितीय भाव — पारिवारिक जीवन
  • पंचम भाव — प्रेम और रोमांस
  • एकादश भाव — इच्छाओं की पूर्ति

जब इन भावों के स्वामी ग्रह पीड़ित होते हैं, नीच राशि में होते हैं, या पाप ग्रहों से दृष्ट होते हैं — तब विवाह में देरी या बाधा उत्पन्न होती है।

2026 में विवाह रोकने वाले प्रमुख ग्रह दोष

1. मंगल दोष (मांगलिक दोष)

मंगल दोष सबसे प्रसिद्ध और सबसे अधिक चर्चित दोष है। जब मंगल ग्रह कुंडली के 1, 4, 7, 8 या 12वें भाव में स्थित होता है, तो व्यक्ति मांगलिक कहलाता है।

2026 में मंगल का मिथुन और कर्क राशि में संचरण विवाह के मामलों को और अधिक जटिल बना रहा है। मांगलिक दोष के कारण:

  • रिश्ते बार-बार टूटते हैं
  • वर-वधू पक्ष में मतभेद होते हैं
  • विवाह तय होकर अचानक रद्द हो जाता है

Astro Saloni के अनुसार उपाय:

  • मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करें
  • मंगल यंत्र की स्थापना करें
  • लाल मसूर दाल का दान करें
  • कुंभ विवाह या विष्णु विवाह करवाएं

2. शनि का सप्तम भाव पर प्रभाव

शनि देव जब सप्तम भाव में, सप्तमेश पर दृष्टि डालते हैं या सप्तमेश के साथ युति बनाते हैं — तब विवाह में अत्यधिक देरी होती है। 2026 में शनि कुंभ राशि में है और यह कई लग्नों के लिए सप्तम भाव को प्रभावित कर रहा है।

शनि के प्रभाव से:

  • उम्र बढ़ती जाती है लेकिन शादी नहीं होती
  • अच्छे रिश्ते मिलते नहीं
  • जो रिश्ते मिलते हैं उनमें कोई न कोई कमी निकल आती है

Astro Saloni के अनुसार उपाय:

  • शनिवार को पीपल के वृक्ष पर जल और तेल चढ़ाएं
  • शनि स्तोत्र का पाठ करें
  • नीलम या नीली रत्न धारण करें (ज्योतिषी की सलाह से)
  • काले तिल और उड़द का दान करें

3. राहु-केतु का दोष

राहु और केतु छाया ग्रह हैं लेकिन इनका प्रभाव अत्यंत शक्तिशाली होता है। जब राहु सप्तम भाव में होता है या सप्तमेश को पीड़ित करता है तो:

  • विवाह के योग बनते हैं लेकिन अचानक बाधा आ जाती है
  • विदेशी या अन्य जाति में विवाह के योग बनते हैं लेकिन परिवार विरोध करता है
  • प्रेम विवाह असफल हो जाते हैं

2026 में राहु मीन राशि और केतु कन्या राशि में है। यह स्थिति विशेष रूप से मिथुन, कन्या, धनु और मीन लग्न के जातकों के लिए विवाह में बाधक है।

Astro Saloni के अनुसार उपाय:

  • राहु काल में कोई शुभ कार्य न करें
  • दुर्गा सप्तशती का पाठ करें
  • सरसों के तेल का दीपक जलाएं
  • गोमेद रत्न धारण करें

4. शुक्र का दुर्बल होना

शुक्र ग्रह प्रेम, विवाह और दाम्पत्य सुख का कारक ग्रह है। जब शुक्र:

  • नीच राशि (कन्या) में हो
  • अस्त हो
  • पाप ग्रहों के बीच में हो (पापकर्तरी योग)

तो व्यक्ति के जीवन में विवाह सुख की कमी और देरी दोनों होती हैं।

Astro Saloni के अनुसार उपाय:

  • शुक्रवार को सफेद वस्त्र पहनें
  • लक्ष्मी माता की पूजा करें
  • चीनी और सफेद मिठाई का दान करें
  • हीरा या ओपल रत्न धारण करें

5. गुरु (बृहस्पति) का पीड़ित होना

स्त्री की कुंडली में गुरु पति का कारक होता है। यदि गुरु:

  • नीच राशि (मकर) में हो
  • अष्टम या द्वादश में हो
  • शनि या राहु से पीड़ित हो

तो स्त्री के विवाह में अत्यधिक विलंब होता है।

Astro Saloni के अनुसार उपाय:

  • गुरुवार को पीले वस्त्र पहनें
  • विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें
  • पीली दाल और केले का दान करें
  • पुखराज रत्न धारण करें

2026 की विशेष ग्रह स्थिति और विवाह पर प्रभाव

2026 में ग्रहों की विशेष युति और संचरण के कारण कुछ राशियों पर विशेष प्रभाव पड़ रहा है:

राशि विवाह पर प्रभाव मुख्य कारण
मेष मध्यम बाधा शनि की सप्तम दृष्टि
वृषभ देरी संभव राहु का प्रभाव
मिथुन गंभीर बाधा मंगल + राहु
कर्क विलंब शनि की दृष्टि
सिंह अनुकूल गुरु का सहयोग
कन्या केतु बाधा केतु का संचरण
तुला विलंब शुक्र अस्त
वृश्चिक मध्यम मंगल दोष
धनु बाधा राहु प्रभाव
मकर अनुकूल शनि स्वराशि
कुंभ थोड़ी देरी शनि युति
मीन राहु बाधा राहु संचरण

विवाह में देरी के अन्य ज्योतिषीय कारण

कालसर्प दोष

जब सभी सात ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं तो कालसर्प दोष बनता है। यह दोष जीवन के हर क्षेत्र में बाधाएं उत्पन्न करता है — विशेष रूप से विवाह में।

पितृ दोष

पितृ दोष तब बनता है जब पूर्वजों की आत्माएं तृप्त नहीं होतीं। इस दोष के कारण भी विवाह में देरी और वैवाहिक जीवन में अशांति आती है।

उपाय: अमावस्या को पितरों का तर्पण करें, ब्राह्मणों को भोजन कराएं।

नाड़ी दोष

नाड़ी दोष कुंडली मिलान में एक महत्वपूर्ण दोष है। यह दोष होने पर विवाह तय नहीं होता क्योंकि गुण मिलान में कम अंक आते हैं।

Astro Saloni द्वारा सुझाए गए सामान्य उपाय

मंत्र जाप

  • “ॐ नमः शिवाय” — 108 बार प्रतिदिन
  • “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं त्रिभुवन मोहनाय क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ” — शुक्र मंत्र
  • “ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बृहस्पतये नमः” — गुरु मंत्र

व्रत और पूजा

  • सोलह सोमवार व्रत — भगवान शिव की कृपा के लिए
  • स्वयंवर पार्वती व्रत — विवाह शीघ्र होने के लिए
  • मंगला गौरी व्रत — मंगलवार को करें

रत्न और यंत्र

  • कुंडली के अनुसार शुभ रत्न धारण करें
  • विवाह यंत्र की घर में स्थापना करें
  • श्री यंत्र की नियमित पूजा करें

कब मिलेगा विवाह का शुभ मुहूर्त 2026 में

2026 में विवाह के लिए कुछ अत्यंत शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:

  • जनवरी-फरवरी 2026 — मकर संक्रांति के बाद विवाह के अच्छे योग
  • अप्रैल-मई 2026 — अक्षय तृतीया पर सर्वार्थ सिद्धि योग
  • नवंबर-दिसंबर 2026 — देव उठनी एकादशी के बाद विवाह मुहूर्त प्रारंभ

निष्कर्ष

शादी में देरी क्यों हो रही है: विवाह में देरी केवल भाग्य की बात नहीं है। ग्रह दोषों का समय पर निवारण करके आप अपने विवाह के मार्ग में आने वाली बाधाओं को दूर कर सकते हैं। Astro Saloni के मार्गदर्शन में अपनी कुंडली का विश्लेषण कराएं और जानें कि आपकी कुंडली में कौन सा दोष विवाह में बाधा बन रहा है।

सही उपाय, सही समय पर किए जाएं तो ग्रहों की कृपा अवश्य मिलती है और विवाह के शुभ योग शीघ्र बनते हैं।

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