प्रेम विवाह के लिए शिव पूजा करें और लें मनचाहा जीवनसाथी पाने के अचूक उपाय

प्रेम विवाह के लिए शिव पूजा और मनचाहा जीवनसाथी पाने के उपाय
प्रेम विवाह को सफल बनाने के लिए शिव पूजा और शक्तिशाली मंत्र।

प्रेम विवाह आज भी कई बार भारतीय समाज में चुनौतीपूर्ण माना जाता है। प्रेम विवाह के रास्ते में अक्सर परिवार की सहमति, समाज की मान्यताएं और कुंडली की समस्याएं बाधा डालती हैं। हिंदू धर्म में माता पार्वती और भगवान शिव को विवाह और प्रेम का प्रतीक माना जाता है। उनकी पूजा-अर्चना से न केवल विवाह में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं, बल्कि मनचाहे जीवनसाथी की खोज और सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद भी मिलता है।

शिव-पार्वती: प्रेम और विवाह के आदर्श प्रतीक

हिंदू धर्म में भगवान शिव और माता पार्वती की प्रेम कहानी बहुत पवित्र मानी जाती है। भगवान शिव को पाने के लिए माता पार्वती ने बहुत मेहनत की थी। भोलेनाथ को भी उनकी अटूट भक्ति और समर्पण के सामने झुकना पड़ा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह महाशिवरात्रि के दिन हुआ था, जो प्रेम और समर्पण का प्रतीक है।

यही कारण है कि प्रेम विवाह करने की इच्छा रखने वाले युवा-युवतियों के लिए शिव-पार्वती की पूजा करना सबसे अच्छा उपाय है।

शिव पूजा का सबसे शुभ दिन है सोमवार

सोमवार को हिंदू धर्म में भगवान शिव का विशेष दिन माना जाता है। सोमवार को शिव पूजा करने से मनचाहे वरदान मिलते हैं, विशेष रूप से विवाह, संतान और आर्थिक सुख के लिए।

सोमवार को शिव पूजा की विधि
  • प्रातःकाल स्नान: सुबह गंगाजल डालकर स्नान करें। यदि गंगाजल उपलब्ध न हो, तो साधारण जल में थोड़ा सा नमक मिलाकर स्नान कर सकते हैं।
  • शिव मंदिर जाएं: स्वच्छ और सफेद वस्त्र धारण करके शिव मंदिर जाएं।
  • शिवलिंग का अभिषेक: गाय के कच्चे दूध से शिवलिंग का अभिषेक करें। इसके बाद जल, दही, शहद, घी और गंगाजल से भी अभिषेक कर सकते हैं।
  • प्रिय वस्तुएं चढ़ाएं: भगवान शिव को बेलपत्र, आक के फूल, सफेद फूल, अक्षत, फल और मिठाई अर्पित करें।
  • मंत्र जाप: रुद्राक्ष की माला से “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।
  • शिव चालीसा और आरती: शिव चालीसा का पाठ करें और भगवान शिव की आरती करें।

प्रेम विवाह के लिए शक्तिशाली शिव-पार्वती मंत्र

1. गौरी शंकर मंत्र (सबसे प्रभावी)

“हे गौरी शंकर अर्धांगिनी यथा त्वं शंकर प्रिया। तथा मां कुरु कल्याणी कान्त कान्ता सुदुर्लभम॥”

यह मंत्र प्रेम विवाह में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए सबसे अच्छा है। यह मंत्र हर दिन शिव-पार्वती की पूजा करते समय 108 बार जाप करना चाहिए।

2. ॐ नमः शिवाय

यह भगवान शिव का सबसे सरल और शक्तिशाली मंत्र है। इस मंत्र का नियमित जाप करने से सभी समस्याएं दूर होती हैं और आप चाहते हैं कि आपका जीवनसाथी मिल जाएगा।

3. कामदेव मंत्र

“ॐ नमो भगवते कामदेवाय यस्य यस्य दृश्यो भवामि यस्य यस्य मम मुखं पश्यति तं तं मोहयतु स्वाहा”

यह मंत्र प्रेम संबंधों को मजबूत बनाने और वैवाहिक जीवन में मधुरता लाने के लिए अत्यंत प्रभावी है।

4. स्वयंवर पार्वती महामंत्र

“ॐ ह्रीं योगिनी योगिनी योगेश्वरी योग भयंकरी। सकल स्थावर जंगमस्य मुख हृदयम्। मम वशम् आकर्ष आकर्षय नमः॥”

यह मंत्र विशेष रूप से विवाह से जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए बनाया गया है। माता पार्वती ने भगवान शिव को अपने पति बनाने के लिए महर्षि दुर्वासा से यह मंत्र जपा था।

जप विधि: इस मंत्र का 108 दिनों तक प्रतिदिन 1008 बार जाप करना सर्वाधिक प्रभावशाली माना जाता है।

महाशिवरात्रि: प्रेम विवाह के लिए विशेष उपाय

महाशिवरात्रि प्रेम विवाह चाहने वालों के लिए सर्वोत्तम अवसर है। इस समय प्रेम विवाह में आने वाली सभी चुनौतियों को दूर करने के लिए निम्नलिखित उपाय करें:

उपाय 1: संयुक्त पूजा

ऐसे मंदिर में जाएं जहां माता पार्वती और भगवान शिव की प्रतिमाएं एक साथ स्थापित हैं। अपने प्रेमी को एकसाथ पूजा करें। लाल मौली को हाथों में लेकर सात बार परिक्रमा करें, फिर उसे बांध दें। यह तरीका प्रेम विवाह में कामयाब होता है।

उपाय 2: लाल वस्त्र और सुहाग सामग्री

महाशिवरात्रि के दिन लाल रंग के कपड़े पहनना चाहिए। माता पार्वती को सिंदूर, बिंदी, चूड़ियां आदि अर्पित करें। उन्हें सामने बैठकर शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग सुनाएँ। यह प्रेम लाता है।

उपाय 3: रामचरितमानस पाठ

रामचरितमानस के बालकांड में वर्णित शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग महाशिवरात्रि के दिन माता पार्वती के सामने पढ़ें। यह विवाह के रास्ते में आने वाली सभी चुनौतियों को दूर करता है।

सावन महीने में विशेष उपाय

भगवान शिव को सावन का महीना बहुत प्रिय है। इस माह में प्रेम विवाह की सभी बाधाएं दूर करने के लिए निम्नलिखित उपाय करें:

1. सावन सोमवार व्रत

सावन के सभी सोमवारों को व्रत रखें और शिवलिंग का जलाभिषेक करें। व्रत में फलाहार या एक समय का भोजन ग्रहण करें। सोलह सोमवार व्रत विशेष रूप से प्रभावी माना जाता है।

2. रुद्राभिषेक

सावन सोमवार को रुद्राभिषेक करना बहुत शुभ है। यह विवाह में आने वाली बाधाओं को दूर करता है और ज्योतिषीय दोषों को दूर करता है।

3. गौरी शंकर रुद्राक्ष धारण

गौरी शंकर रुद्राक्ष माता पार्वती और भगवान शिव का एकता का प्रतीक है। इसे पहनने या पूजने से प्रेम संबंधों में समन्वय और विवाह के योग बनते हैं।

4. शिव तांडव स्तोत्र का पाठ

प्रतिदिन ५१ दिनों तक शिव तांडव स्तोत्र का पाठ या सुना जा सकता है। यह विवाह से जुड़े सभी मुद्दों को हल करता है।

5. विशेष वस्तुओं का अर्पण

प्रत्येक सोमवार को शिवलिंग पर धतूरा, शहद, बेलपत्र, कच्चा दूध और गंगाजल चढ़ाएं। ये वस्तुएं विवाह और प्रेम में आने वाली बुराई को दूर करती हैं।

16 सोमवार व्रत: प्रेम विवाह का सबसे प्रभावी उपाय

16 सोमवार व्रत को प्रेम विवाह के लिए बहुत प्रभावी माना जाता है। इस व्रत को पूरा करने का तरीका निम्नलिखित है:

व्रत की विधि
  • संकल्प: किसी शुभ सोमवार (अमावस्या के बाद) से व्रत शुरू करें। भगवान शिव को अपना नाम, गोत्र और नक्षत्र बताकर 16 सोमवार को व्रत रखने का निश्चय करें।
  • व्रत नियम: प्रातः स्नान करने के बाद शिव मंदिर जाएं। पूरे दिन व्रत रखें और शाम को पूजा करने के बाद भोजन करें।
  • पूजा सामग्री: शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल चढ़ाएं। बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल अर्पित करें।
  • कथा पाठ: प्रत्येक सोमवार को 16 सोमवार व्रत की कथा सुनें या पढ़ें।
  • व्रत समापन: 16वें सोमवार को व्रत पूर्ण करके उद्यापन करें और ब्राह्मणों को भोजन कराएं।

प्रेम विवाह के लिए ज्योतिषीय उपाय

1. दान और दक्षिणा

सोमवार को किसी जरूरतमंद को दही, दूध, चीनी और सफेद कपड़े दें। भगवान शिव इससे खुश होते हैं।

2. मंगल दोष निवारण

यदि आपकी कुंडली में मंगल दोष है, तो मंगलवार को हनुमान जी और शिव की पूजा भी करें। यह गलती दूर करता है।

3. शुक्रवार का महत्व

शुक्रवार को माता पार्वती की विशेष पूजा करें। यह दिन प्रेम और संबंधों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

आधुनिक युग में शिव पूजा का महत्व

शिव पूजा मानसिक शांति और आत्मविश्वास देती है, खासकर आज जब प्रेम विवाह सामाजिक चुनौतियों का सामना करते हैं। यह सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है; यह एक सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत है जो किसी को कठिन परिस्थितियों में धैर्य रखने में मदद करता है।

ध्यान देने योग्य महत्वपूर्ण बातें

  • विश्वास और श्रद्धा: पूजा करते समय पूर्ण विश्वास और श्रद्धा रखें। आपका विश्वास ही आपकी सफलता का आधार है।
  • नियमितता: मंत्र जाप और पूजा में नियमितता अत्यंत आवश्यक है। बीच में छोड़ने से पूर्ण लाभ नहीं मिलता।
  • शुद्धता: पूजा करते समय मन, वचन और कर्म से शुद्ध रहें। नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
  • धैर्य: परिणाम की प्रतीक्षा धैर्य के साथ करें। भगवान का समय सर्वोत्तम होता है।
  • मासिक धर्म के दौरान: महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान पूजा को रोक देना चाहिए और बाद में पुनः शुरू करना चाहिए।

निष्कर्ष

प्रेम विवाह करने के लिए शिव पूजा एक बहुत अच्छा आध्यात्मिक उपाय है। भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करना, मंत्र जाप करना और विशेष व्रत रखना न केवल प्रेम विवाह में आने वाली बाधाओं को दूर करता है, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाता है। महाशिवरात्रि, सावन सोमवार और 16 सोमवार व्रत जैसे खास दिनों पर पूजा करना विशेष लाभ देता है।

पूजा-पाठ करने के साथ-साथ अपने प्रयासों में भी निरंतरता बनाए रखें। सामाजिक मूल्यों का सम्मान करते हुए, परिवार के साथ चर्चा करते हुए और धैर्य से आगे बढ़ें। भगवान शिव की कृपा से आपका विवाह सफल होगा और आपका वैवाहिक जीवन खुशहाल होगा।

हर हर महादेव! ॐ नमः शिवाय!

अस्वीकरण: यह जानकारी धार्मिक सिद्धांतों और ज्योतिषीय सिद्धांतों पर आधारित है। यह किसी भी कानूनी सलाह या चिकित्सा विकल्प नहीं है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले सही परामर्श अवश्य लें।

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